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Thursday, February 3, 2011

'मुल्क में पहले इस्लामी बैंक को हरी झंडी' Islamic banking in India

आज उर्दू दैनिक राष्ट्रीय सहारा में एक खबर (पृष्ठ 3) नज़र पड़ी जिसका शीर्षक है 'मुल्क में पहले इस्लामी बैंक को हरी झंडी'।
फिर मैंने पूरी ख़बर पढ़ी तो पता चला कि केरल हाईकोर्ट ने कल उस अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया जो प्रदेश सरकार के इस्लामी बैंक शुरू करने के ख़िलाफ़ दायर की गई थी । यह अर्ज़ी जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रामण्यम स्वामी व अन्य ने दायर की थी। इस अर्ज़ी को ख़ारिज करने वाली बैंच में हैं चीफ़ जस्टिस जयचलामेश्वर और जस्टिस पी. आर. रामचन्द्र मेनन।
बाधा खड़ी करने वाले भी हिंदू और उसे हटाने वाले भी हिंदू और इस देश में इस्लाम को लाने वाले भी हिंदू और इस्लाम को अपनाने वाले भी हिंदू । हिंदू मज़बूत कर रहे हैं इस्लाम को और इस्लाम मज़बूत करेगा अपनी शरण में आने वाले हिंदुओं को। इस तरह हिंदुस्तान रोज़ ब रोज़ मज़बूत होता चला जाएगा।

देख लीजिए ! इस्लाम को फैलने के लिए न किसी औरंगज़ेब की ज़रूरत है और न ही किसी तलवार की । यह फैलता है अपने कल्याणकारी और सत्य होने की वजह से । वह कौन सा दिल है जिसमें सत्य और कल्याण की इच्छा न हो ?
और मनुष्य की इस इच्छा को इस्लाम के अलावा कोई और व्यवस्था पूरी कर नहीं सकती , यह भी सत्य है ।