Showing posts with label 'विधि/न्याय'. Show all posts
Showing posts with label 'विधि/न्याय'. Show all posts

Thursday, April 7, 2011

अजय कुमार झा जी ने सचमुच ही चार चांद लगा दिए हमारी वाणी को - Anwer Jamal

हमारी वाणी का दावा है कि वह नियम भंग करने वाले का धर्म, लिंग और उसका प्रभाव नहीं देखती। अगर कोई भी ब्लॉगर उसका नियम भंग करता है तो वह तुरंत कार्रवाई करती है। अगर ऐसा है तो शायद इस बार अपने महापत्रकार अजय कुमार झा जी पर हमारी वाणी कोई कार्रवाई कर बैठे।
आज हमने देखा कि हमारी वाणी के बोर्ड पर एक ही आदमी के तीन फ़ोटो नज़र आ रहे हैं। हमने सोचा कि अब तो यहां सलीम ख़ान भी नहीं हैं और हमने भी अपने पर-पुर्ज़े समेट लिए हैं तब आखि़र कौन है यह तो द्विवेदी जी की हमारी वाणी का सौंदर्य नष्ट करने पर तुला हुआ है। ग़ौर से देखा तो पता चला कि यह तो अपने अजय कुमार झा जी हैं। उन्हें देखकर दिल को तसल्ली हुई कि ये तो ब्राह्मण हैं, इनसे तो हमारी वाणी का सौंदर्य नष्ट होने का सवाल ही नहीं है। अगर ये एक पोस्ट और कर देते तो उल्टे चार चांद और लग जाते। हम अभी यह सोच ही रहे थे कि उनकी एक पोस्ट और नाज़िल हो गई और सचमुच ही चार चांद लगा दिए उन्होंने। हमने जाकर पोस्ट पढ़ी तो दो पोस्ट तो बिल्कुल एक ही हैं। उनके शीर्षक में भी ज़्यादा अंतर नहीं किया गया है।
आदमी क़ाबिल हैं। अन्ना जी का मुददा है। सब कुछ सही लेकिन हमारी वाणी का दावा है कि वह नियम भंग करने वाले पर कार्रवाई करती है और वह धर्म, लिंग और ब्लॉगर के रूतबे को नहीं देखती।
देखते हैं कि अब अजय जी के दो ब्लॉग का निलंबन होता है या फिर एक का या फिर उन्हें मात्र चेतावनी ही देकर छोड़ दिया जाएगा ?
अजय जी की चारों पोस्ट्स के लिंक निम्न हैं। आप भी जाएं और अन्ना जी का समर्थन करें।
1- http://jholtanma-biharibabukahin.blogspot.com/2011/04/2.html
2- http://aajkamudda.blogspot.com/2011/04/1.html
3- http://khabarokikhabar.blogspot.com/2011/04/3.html
4- http://ajaykumarjha1973.blogspot.com/2011/04/blog-post_07.html

.जैसे ही हमारी पोस्ट पब्लिश वैसी ही अजय जी ने पलती मरकर पोस्ट ही बदल डाली .
http://jholtanma-biharibabukahin.blogspot.com/2011/04/2.हटमल
इस लिंक पर जो पोस्ट नज़र आ रही है ठीक वही पोस्ट नज़र आ रही थी निम्न लिंक पर
http://aajkamudda.blogspot.com/2011/04/1.html
लेकिन अब इस पर नज़र आ रही है
'जन लोकपाल बिल क्या है ?'
हम तोप के गोले छोड़ते और सलामी देते ही रह गए उनके साहस को और वह मैदान ही छोड़ भागे .
खैर यह तो नेट है मिटने के बावजूद भी पुराना रिकार्ड देखना मुमकिन है .  

दो ब्लॉग पर एक ही पोस्ट , अजय जी के साहस को हमारा सलाम मय 11 तोप के गोलों के साथ इसलिए कि शायद सोने वाले जाग जाएं भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ Corruption