Thursday, June 14, 2012

सारी समस्याओं का समाधान पार्ट 1 Solution for every problem


हमारे सामने आज बहुत सी समस्याएं हैं। हरेक समस्या एक आंदोलन की ज़रूरत बताती है। जिन समस्याओं के लिए आज आंदोलन चलाने की ज़रूरत है। उनकी लिस्ट बनाई जाए तो वह लिस्ट इतनी लंबी हो जाती है कि उसे पढ़ना ही मुश्किल हो जाता है। देखिए एक लिस्ट, जो हमने बनाई है। इसमें आप भी कुछ समस्याओं की ओर ध्यान दिला सकते हैं, जिनके लिए हमें आंदोलन ज़रूरत है।
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1.युवा पीढ़ी नशे  की शिकार हो चुकी है। युवा पीढ़ी को नशा  खोखला कर रहा है। हमें अपने नौजवानों को नशे से बचाना होगा। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
2.नौजवान लड़के लड़कियां मर्यादा भंग कर रहे हैं, बिना विवाह किए ही ‘रिलेशनशिप‘ में पति पत्नी की तरह रह रहे हैं। नैतिकता की रक्षा के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
3.लड़के लड़कियां प्रेम कर रहे हैं। प्रेमी युगल मारे जा रहे हैं। जातिवादी अहंकार से प्रेमी युगलों की रक्षा के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
4.प्रेम का झांसा देकर लड़कियों को उनके घरों से भगा कर लाया जाता है और फिर देश विदेश में जिस्म फ़रोषी के धंधे में धकेल दिया जाता है। गर्म गोश्त  के व्यापार को रोकने के लिए हमें एक आंदोलन चलाने की ज़रूरत है।
5.वेश्याएं  भी इंसान हैं। वे तरह तरह की बीमारियों से जूझ रही हैं। उनके बच्चे शिक्षा  से वंचित हैं। वेश्याओं के कल्याण और पुनर्वास के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
6.बच्चे घरों में हिंसा और यौन उत्पीड़न के शिकार हैं। बस्तों के भारी बोझ ने उनसे उनका बचपन ही छीन लिया है। बच्चों की मासूमियत की रक्षा के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
6.दहेज के कारण कितनी ही लड़कियां घर पर ही बैठी रह जाती हैं। कितनी बहुएं दहेज के कारण मार दी जाती हैं और बहुत सी बहुओं को तरह तरह से सताया जाता है। दहेज एक सामाजिक अभिशाप है। दहेज के विरूद्ध एक आन्दोलन चलाए जाने की ज़रूरत है।
7.विधवाओं को भी समाज में बहुत अपमान झेलना पड़ता है। उनके कल्याण के लिए भी हमें एक आन्दोलन चलाने की ज़रूरत है।
8.बूढ़े लोग अपने ही बच्चों की उपेक्षा और तिरस्कार झेल रहे हैं। उनके लिए हमें एक आन्दोलन चलाने की ज़रूरत है।
9.बलात्कार के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इस जुर्म के मुजरिमों को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाने की ज़रूरत है।
10.गुमशुदा बच्चों और बड़ों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। मानव अंगों की तस्करी करने वाले भी सक्रिय हैं। इसके ख़ात्मे के लिए भी हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
11.क्राइम का ग्राफ़ बढ़ता ही जा रहा है। इसके ख़ात्मे के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
12.पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं। इसके खि़लाफ़ हमें  एक आन्दोलन चलाने की ज़रूरत है।
13.महंगाई बढ़ रही है। लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
14.मंत्री और अफ़सर भ्रष्ट हो गए हैं। वे रिश्वत लेकर काम करते हैं। हमें भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ एक आन्दोलन चलाना होगा।
15.देश का धन विदेशों में जमा है। उसे देश में वापस लाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
16. देश का धन विदेशी बैंकों से कई गुना ज़्यादा धर्म स्थलों में जमा है। वह जनता के कल्याण में लगाया जाए, इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
17.बेरोज़गारों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
18.डाक्टर कमीशन लेकर एक विशेष  कंपनी की ग़ैर ज़रूरी टेस्ट और दवाईयां लिखते हैं। बेवजह आप्रेशन  तक कर देते हैं। इसके खि़लाफ़ हमें आंदोलन चलाना होगा।
19.लेस्बियन और समलैंगिक प्रवृत्ति भी उभर रही है। लड़की के साथ लड़की और लड़के के साथ लड़का संबंध बना रहे हैं और वे क़ानूनी रूप से इसकी मान्यता चाहते हैं। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
20.अवैध संबंध और गर्भपात के आंकड़े तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
21. दहेज के कारण भ्रूण हत्या की जा रही है और बहुत सी जगहों पर पैदाइश के बाद लड़की को मार दिया जाता है। इसके खि़लाफ़ हमें एक आन्दोलन चलाने की ज़रूरत है।
22.लड़के के मुक़ाबले लड़की की उपेक्षा की जाती है। तरक्क़ी के अवसर भी उसे कम ही नसीब होते हैं। इसके खि़लाफ़ हमें एक आन्दोलन की ज़रूरत है। 
23.जाति, संप्रदाय और इलाक़े को लेकर भी लोगों के दिलों में नफ़रत बैठी हुई है। जिसकी वजह से दंगे होते हैं और जान व माल की ज़बर्दस्त तबाही होती है। इसके ख़ात्मे के लिए भी हमें एक आंदोलन चलाना होगा।
24.धर्म और अध्यात्म के नाम पर दुकानदारी और पाखंड फैल रहा है। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
25.ग़रीब की ग़रीबी बढ़ रही है जबकि अमीर और ज़्यादा अमीर हो रहा है। समाज में आर्थिक असंतुलन को दूर करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
26.नक्सलवाद एक बड़ी समस्या है। नक्सलवाद और आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
27.युवा पीढ़ी चुनाव प्रक्रिया में भाग ले। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
28.देश के युवाओं में देशप्रेम का जज़्बा कम हो रहा है। इसे बढ़ाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
29.सैनिकों के लिए सम्मान का भाव कम हो रहा है। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
30.ओज़ोन की परत में छेद हो रहा है। ओज़ोन की परत को बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
31.जंगल और हरियाली कम हो रही है। वर्षा चक्र बिगड़ रहा है। वृक्षारोपण के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
32.बहुत से जीवों की प्रजातियां जंगल में लुप्त हो चुकी हैं और बहुत सी प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर हैं। उन्हें बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
33.तेल और खनिज पर क़ब्ज़ा जमाने के लिए कुछ देश विश्व शांति से खेल रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
34.लोगों में धर्म और अध्यात्म के प्रति रूचि कम हो रही है। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
35.ड्रेस में नंगापन और अश्लीलता बढ़ती जा रही है। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
36.आज एक पड़ोसी को अपने पड़ोसी की भी ख़बर नहीं है। कोई कोई तो कई दिनों तक मरा पड़ा रहता है। उसके शव से बदबू आती है तो लोग पुलिस बुलाते हैं। वे पुलिस तक को नहीं बता पाते कि मरने वाला क्या काम करता था ?
इसके लिए भी हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
37.मां का दूध शिशु के लिए अमृत है। मांओं को जागरूक करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
38.फ़िल्मों में हिंसा और अश्लीलता की कोई हद नहीं है। साफ़ सुथरी फ़िल्मों के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा। 
39.ग़रीब किसान और मज़दूर सूदी क़र्ज़ के न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। उनका जीवन बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
40.आजकल नौजवान ही नहीं बल्कि बच्चे भी ज़रा सी बात पर आपा खोकर हत्या और आत्महत्या कर रहे हैं। उनका जीवन बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
41.शिक्षा एक व्यवसाय बन गया है। गुरू की मर्यादा अब बची ही नहीं है। शिक्षा के मंदिर केवल दुकानें बन कर रह गए हैं। इस हालत को बदलने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
42.चीज़ों में मिलावट एक आम बात है। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
43.ज़्यादा दूध पाने के लिए दुधारू पशुओं को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन दिया जा रहा है। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
44.नक़ली दवाओं के खि़लाफ़ हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
45.रेलगाड़ी आए दिन दुर्घटना की शिकार हो रही हैं। टिकट लेकर भी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
46.सड़कें ख़राब हैं। इसी वजह से एक्सीडेंट में लाखों लोग मारे जाते हैं। इसके लिए भी हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
47.बच्चा मज़दूरी एक अभिशाप है। इसे ख़त्म करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
48.गांवों में रोज़गार न होने से लोग शहरों की तरफ़ रूख़ कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
49.एड्स और यौन रोग फैल रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
50.जल प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
51.पानी की फ़िज़ूलख़र्ची रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
52.बिजली का उत्पादन और आपूर्ति कम है जबकि हमारे पास पानी के स्रोत भरपूर हैं। इसके लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
53.शादी ब्याह के मौक़ों पर और अपने घरों में भी लोग बिजली की फ़िज़ूलख़र्ची करते हैं। इसे रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
54.शादी ब्याह के मौक़ों पर और रोज़मर्रा के जीवन में लोग फ़िज़ूलख़र्ची करते हैं। अगर यही रूपया रचनात्मक कामों में ख़र्च किया जाए तो व्यक्ति और राष्ट्र की उन्नति होगी। जागरूकता के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
55.शादी ब्याह के मौक़ों पर अपनी शान दिखाने के लिए लोग फ़ायरिंग करते हैं। उसमें ब्याह बारात देखने वाले मारे जाते हैं। कुछ मौक़ों पर तो दूल्हा ही मारा गया। इस बेकार के दिखावे को रोकने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
56.समाज में ऊंचनीच और छूतछात मौजूद है, ख़ासकर देहाती इलाक़ों में इसका ज़ोर ज़्यादा है। इसके ख़ात्मे के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
57.गांवों में चिकित्सा सेवाएं नहीं हैं। सरकारी डाक्टर गांव में जाते ही नहीं हैं। चिकित्सा के अभाव में लोग मर रहे हैं। गांवों तक डाक्अर को लाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
58.आवारा कुत्ते बच्चों पर हमला करके उन्हें मार रहे हैं। इनके ख़ात्मे के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
59.बंदरों की संख्या और उनका आतंक बढ़ता ही जा रहा है। लोगों ने करोड़ों रूपये ख़र्च करके अपने घरों पर जाल लगवा लिए हैं। लोग अपने घरों में क़ैद रहने के लिए मजबूर हैं। बंदरों के हमले में हर साल बहुत से लोग मारे जाते हैं। इस समस्या से मुक्ति के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
60.लोग दूध देने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। ये पशु आने जाने वालों को सींग मार देते हैं और कभी इनके लिए इनके नर आपस में सड़क पर ही भिड़ जाते हैं। इनके कारण दुर्घटनाओं में लोगों की जान तक चली जाती है। इस समस्या से मुक्ति के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
61.गंगा में शहर के गंदे नाले और फ़ैक्ट्रियों का ज़हरीला पदार्थ घोलकर उसे गंदा और ज़हरीला बना दिया गया है। गंगा को बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
62.जमना को बचाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
63.हरेक नदी को बचाने के लिए हमें एक एक आन्दोलन चलाना होगा।
64.गांव में पहले पोखर-तालाब हुआ करते थे। जिसमें बारिश का पानी इकठ्ठा हो जाता था और वह संचित जल गांव भर के काम भी आता था और उससे जल स्तर भी बना रहता था। जब से लोगों ने उन सार्वजनिक तालाबों को क़ब्ज़ा करके उस पर निर्माण कर लिया है तब से जल स्तर नीचे होता जा रहा है। तालाबों का पुनरूद्धार करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
65.हमारे नागरिकों को प्रोटीन और संतुलित आहार नहीं मिल पा रहा है। इससे उनका व्यक्तित्व बौना हो रहा है। नागरिकों में आहार संबंधी जागरूकता लाने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
66.गुटखा,तंबाकू और सॉफ़्ट ड्रिंक्स सेहत के लिए नुक्सानदेह हैं। लोग इनका इस्तेमाल करके बर्बाद हो रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
67.शुगर और ब्लड प्रेशर संबंधी बीमारियां प्रायः आधुनिक जीवन शैली की देन हैं। पहले रोज़मर्रा की ज़िंदगी में जिस्मानी मेहनत होती थी जो कि बीमारियों से बचाती थी। अब वह सब नहीं रहा और लोग व्यायाम भी नहीं करते। दिल, गुर्दे और पेट की बीमारियां महामारियों की तरह फैल रही हैं। इसकी रोकथाम के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
68.चीनी और नमक सफ़ेद ज़हर हैं। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इनका निरंतर इस्तेमाल घातक है। लोगों को जागरूक करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
69.बंधुआ मज़दूरी ख़त्म करने के लिए हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।
70.बात बात में धरने-प्रदर्शन और बंद के चलन ने भी ज़िंदगी को डिस्टर्ब कर दिया है। बंद के दौरान बहुत से मरीज़ों को अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। बंद के दौरान हिंसा और आगजनी से भी करोड़ों रूपये का नुक्सान होता है। इसे रोकने लिए भी हमें एक आन्दोलन चलाना होगा।

ज़रा सोचिए
इतनी सारी समस्याएं हैं और इन सबके लिए सैकड़ों आंदोलन चलाने की ज़रूरत है।
क्या कोई एक आदमी इन सभी आंदोलनों में हिस्सा ले सकता है ?
अगर इन समस्याओं के ख़ात्मे के लिए आंदोलन चलाना संभव नहीं है तो फिर इन सबसे मुक्ति कैसे संभव है ?

आप भी सोचिए और हम भी सोचते हैं। जहां चाह है, वहां कोई न कोई राह भी ज़रूर होगी। समस्याएं कितनी भी टेढ़ी क्यों न हों लेकिन कोई न कोई रास्ता ज़रूर होगा जो सीधा समाधान तक पहुंचाता होगा।
उस सीधे रास्ते की तलाश आज वक्त की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
(...जारी)

9 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सब रोगों की यहाँ दवा हैं, चाहे आजमा ले...!

रश्मि प्रभा... said...

जहां चाह है, वहां कोई न कोई राह भी ज़रूर होगी ...

मनोज कुमार said...

समग्रता से सोचने के लिए आपने एक लंबी लिस्ट दे दी है। शायद यहइस लिस्ट का अंत भी न हो। न जाने कितने और जुट जाएं, पर सोचने के लिए यह काफ़ी है। हम भी सोचते हैं, और समय समय पर इस पर अपने विचार प्रकट करते रहे हैं। हां यहां आपने एक सार्वजनिक मंच दिया है, जिस पर समाधान की दिशा में भी बात हो सकती है।

Kunwar Kusumesh said...

आज से ५०-६० साल पीछे देखें तो समस्याएं इतनी ज़ियादा और इतनी विकराल नहीं थी.कारण ये है कि उस समय मानवतावाद को लोग प्राथमिकता देते थे.अपने बच्चों को लोग घर में अच्छे आचरण का पाठ पढ़ाते थे.जैसे जैसे पैसे का महत्व बढ़ा भौतिकवाद, मानवतावाद पर हावी होने लगा.आज भौतिकवाद अपने चरम पर है.मानवतावाद दबा,कुचला-सा कराह रहा है. जब तक हम मानवीय और नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की ओर ध्यान नहीं देंगे,ये समस्याएं बढ़ती ही जायेंगी.बाकी तो अल्लाह मालिक है.

वाणी गीत said...

बिना आन्दोलन के भी हम कुछ करेंगे क्या !!

रवीन्द्र प्रभात said...

इन सब समस्याओं का समाधान संकल्पित दृढ इच्छाशक्ति से ही संभव है ...मिलकर प्रयास करना होगा .

Asha Saxena said...

समस्याओं का कभी अंत नहीं होता जैसे ही एक समस्या समाप्त होती है दूसरी सर उठाने लगती है |
अब तो दबा भी काम नहीं करती बस दुआ ही काफी है |समस्याओ की लंबी चौड़ी लिस्ट को पढ़
कर तो पसीना आने लगा |अच्छी प्रस्तुति
आशा

Asha Saxena said...

आपकी लिस्ट ही इतनी लंबी है कि पढाते पढाते ही चिंताओं ने घेर लिया |समस्याओं का कभी अंत नहीं होता |एक से छुटकारा पाते ही दूसरी सर उठा लेती है |अब कोई दवा भी काम नहीं करती बस दुआ ही की जा सकती है |
अच्छा लेख |
आशा

डा. श्याम गुप्त said...

-- ये पत्तियां गिनना बन्द करें...
--समस्या तो सिर्फ़ एक है मानव, मानव का मूल स्व-धर्म "परहित" भूल गया है बस...अपने आप को इस धर्म में लगायें...कोई आन्दोलन नहीं...